अरे अरे अरे ना ना ना... आज रपट जाएँ तो हमें ना उठैइओ आज फिसल जाएँ तो हमें ना उठैइओ हमें जो उठैइओ तो , खुद भी रपट जइयो बरसात में थी कहा बात ऐसी पहली बार बरसी बरसात ऐसी कैसी यह हवा चली, पानी में आग लगी, जाने क्या प्यास जगी रे भीगा यह तेरा बदन, जगाए मीठी चुभन नशे में ज़ूमे ये मन रे, कहा हू मैं मुझे भी यह होश नही हा हा हो हो ,आज बहक जाए तो होश ना दिलाईयो होश जो दिलाईयो तो , खुद भी बहक जईओ बादल में बिजली बार बार चमके दिल में मेरे आज पहली बार चमके हसीना डरी डरी, बाहों में सिमट गयी, सीने से लिपट गयी रे तुझे तो आया मज़ा, तुझे तो आई हसीन, मेरी तो जान फसी रे जानेजिगर किधर चली नज़र चुराके हा हा हो हो , बात उलझ जाये तो आज ना सुल्झैयो बात जो सुल्झैयो तो , खुद भी उलझ जैययो आज रपट हा हा आज रपट जैययो तो हमें ना उठैइओ बदल से छम छम शराब बरसे सावरी घटा से शबाब बरसे बूँदों की बजी पायल, घटा ने छेडी ग़ज़ल, ये रात गयी मचल रे दिलों के राज़ खुले, फ़िज़ा में रंग घुले, जवां दिल खुलके मिले रे होना था जो हुआ वही अब डरना क्या हा हा हो हो , आज डूब जाए तो हमे ना बचाईयो हमे जो बचाईयो तो , खुद भी डूब जैययो आज रपट हा हा आज रपट जैययो तो हमें ना उठैइओ आज फिसल जाएँ तो हमें ना उठैइओ, हा हा हो हो गीतकार : अंजान संगीतकार : बप्पी लाहिरी गायक : किशोर कुमार , आशा भोसले चित्रपट : नमक हलाल ( १९८२ )
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