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Sahil Singh Spiritual · Hindi · Spiritual

आप की आँखों में कुछ महके हुए से राज़ हैं आप से भी खूबसूरत आप के अंदाज हैं लब हिले तो मोगरे के फूल खिलते हैं कहीं आप की आँखों में क्या साहिल भी मिलते हैं कहीं आप की खामोशियाँ भी आप की आवाज हैं आप की बातों में फिर कोई शरारत तो नहीं बेवजह तारीफ़ करना आप की आदत तो नहीं आप की बदमाशियों के ये नए अंदाज हैं गीतकार : गुलज़ार, गायक : लता - किशोर, संगीतकार : राहुलदेव बर्मन, चित्रपट : घर (१९७८)

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