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Dhruv Kumar Spiritual · Hindi · Spiritual

इस मोड़ से जाते हैं कुछ सुस्त कदम रस्ते, कुछ तेज कदम राहें पत्थर की हवेली को, शीशे के घरोंदो में तिनकों के नशेमन तक, इस मोड़ से जाते हैं आंधी की तरह उड़कर, एक राह गुजरती है शरमाती हुयी कोई, क़दमों से उतरती है इन रेशमी राहो में, एक राह तो वो होगी तुम तक जो पहुचती है, इस मोड़ से जाती है एक दूर से आती है, पास आ के पलटती है एक राह अकेली सी, रुकती है ना चलती है ये सोच के बैठी हूँ, एक राह तो वो होगी तुम तक जो पहुचती है, इस मोड़ से जाती है गीतकार : गुलज़ार, गायक : लता - किशोर, संगीतकार : राहुलदेव बर्मन, चित्रपट : आंधी (१९७५)

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