Back to feed
A
Aarav Mehta Spiritual · Hindi · Spiritual

ईश्वर ने हमारे शरीर की रचना कुछ इस प्रकार की है, कि ना तो हम अपनी पीठ थपथपा सकते है और ना ही स्वयं को लात मार सकते हैं, . इसलिए हमारे जीवन में मित्र और आलोचक होना जरुरी हैं..🙏

94 likes 45 shares
WhatsApp