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Aarav Patel Spiritual · Hindi · Spiritual

एक शिष्या ने बहुत प्यारी बात कही-👌👌 "गुरुजी" जब आप हमारी "शंका" दूर करते हैं तो "शंकर" लगते हैं । जब "मोह" दूर करते हैं तो "मोहन" लगते हैं । जब "विष" दूर करते हैं तो "विष्णु" लगते हैं । जब "भ्रम" दूर करते हैं तो "ब्रह्मा" लगते हैं । जब "दुर्गति" दूर करते हैं तो "दुर्गा" लगते हैं । जब "गुरूर" दूर करते हैं तो "गुरूजी" लगते हैं । इसीलिए तो कहते हैं :- गुरूर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वर:। गुरु साक्षात् परब्रह्म तस्मे श्री गुरूवे नम:।। गुरु पूर्णिमा की हार्दिक बधाई 🙏🌹🙏 👌🌹👌🌹👌🌹👌🌹👌🌹👌🌹

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