Back to feed
S
Sara Deshmukh Family · Hindi · Family

के मेरे कुछ सवालात है जो कयामत के रोज पहुंचूंगा तुम्हें क्यौकी उसके पेहले मेरी और तुम्हारी बात हो सकें इस लायक नहीं हो तुम मैं पुछना चाहता हूं कि क्या रतिब उसके साथ चलते हुए युन्ही शाम को क्या तुम्हारा भी बेख्याली में हात तकरा जाता था जैसे मेरे साथ.... क्या अपनी छोटी उंगली ओ से थामा करतीं हो उसका हाथ वेसेही जैसे मेरा थामा करतीं थीं. क्या बाता दि वो बचपन की सारी कहानीया तुमने उसको जैसे रात रात भर जागकर मुझे सुनाई करतीं थीं.। क्या तुमने बताया उसको कि ३० के आगे हिंदी की गिनती आतीं नहीं तुमको..। ओ सारी तस्वीरें तुम्हारे पापा के साथ मम्मी के साथ बेहन के साथ थी जिनमें तुम बड़ी प्यारी लगी क्या उसको दिखादी तुमने के मेरे कुछ सवालात है जो कयामत के रोज पहुंचूंगा तुम्हें क्यौकी उसके पेहले मेरी और तुम्हारी बात हो सकें इस लायक नहीं हो तुम के में पुछना चाहता हूं तुम्हें क्या ओ भी घर छोड़ने आता है तुमको तो सिडीयो पर आंखें मेचकर क्या मेरी ही तरह उसके सामने भी माथा आगे कर लेती हो जैसे मेरे साथ.. के मेरे कुछ सवालात है जो कयामत के रोज पहुंचूंगा तुम्हें क्यौकी उसके पेहले मेरी और तुम्हारी बात हो सकें इस लायक नहीं हो तुम 💝💝💝💝💝💝💝💝💝💝💝

124 likes 1 shares
WhatsApp