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Riya Patel Love · Marathi · Missing

*कुछ मीटर कपडे में* *थोड़ा सा कफ़न* *थोड़ी सी मिट्टी में* *हो गया दफ़न,* *ना कुछ माल काम आया* *ना कुछ सौगात,* *बस इतनी-सी है* *आदमी की औकात !!!!* *एक बूढ़ा बाप शाम को मर गया ,* *अपनी सारी ज़िन्दगी ,* *परिवार के नाम कर गया।* *कहीं रोने की सुगबुगाहट ,* *तो कहीं फुसफुसाहट ,* *...अरे जल्दी ले जाओ* *कौन रखेगा सारी रात...* *बस इतनी-सी ह*ै *आदमी की औकात!!!!* *मरने के बाद नीचे देखा ,* *नज़ारे नज़र आ रहे थे,* *मेरी मौत पे .....* *कुछ लोग ज़बरदस्त,* *तो कुछ ज़बरदस्ती* *रो रहे थे।* *नहीं रहा.. ........चला गया..........* *चार दिन करेंगे बात.........* *बस इतनी-सी है* *आदमी की औकात!!!!!* *जिन्दगी भर ,* *मेरा- मेरा- मेरा किया....* *अपने लिए कम ,* *अपनों के लिए ज्यादा जीया ...* *कोई न देगा साथ...जायेगा खाली हाथ....* *क्या तिनका* *ले जाने की भी* *है हमारी औकात ???* *✍अब भी समझ में न आए तो समझ लो अपनी ओकात ...* 🔹🌹🔸🌹🔹🌹🔸🌹🔹🌹🔸*

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