K Krishna Nair Social · Hindi · Social *खुशी* *जल्दी में थी . . . रुकी नहीं,* *गम* *फुरसत में थे . . ठहर गए ...!* *लोगों* *की *नज़रों* *में फर्क अब भी नहीं है ...* *पहले *मुड़* *कर देखते थे* *अब देख कर *मुड* *जाते हैं..* *🙏🏻🌱जय श्री महाकाल🌱🙏🏻* socialखुशीजल्दीरुकीफुरसत 70 likes 53 shares WhatsApp Copy