*गन्ने में जहाँ गाँठ होती है वहां रस नहीं होता* *जहाँ रस होता है वहाँ गाँठ नहीं होती।* *बस जीवन भी ऐसा ही है- यदि मन में किसी के लिये नफरत की गाँठ होगी तो हमारा जीवन भी बिना रस का बन जायेगा.....* *और* *जीवन का रस बनाये रखना हो तो नफरत की गाँठ को निकालना ही होग !!Good Evening!! 🌟🌟
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