*जो ईश्वर रात को* *पेड़ों पर बैठे* *परिंदो को नींद मे भी कभी* *गिरने नही देता* *वो ईश्वर* *इंसान को, कैसे* *बेसहारा छोड़ सकता है* *हाथ से किया हुआ दान* *और* *मुख से लिया* *भगवान का नाम* *कभी व्यर्थ नही जाता* *🌹🌺शुभ प्रभात*🌺🌹 *👏👏👏जय श्री राधे।*👏👏👏 🌹🌸🌸🌹
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