नीले अर्श पर नीली घटा छायी है .... तेरे करम से बुद्ध की दौलत पायी है.... कोई नही पराया सारे भाई भाई है... मिल जुलकर रहने मै सबकी भलाई है... छोड्दो अपना पराया ए दुनियावाले ... दिल से दिल मिलाने ये भिम जयंती आयी है... 126 जयंतीच्या हार्दिक सुभेच्छा
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