प्यार ऐसे निभाएंगे हम.... तुम भुलना चाहेगी तो भी याद आएंगे हम... ऐसी शरारत करेंगे हम.... ना चाहते हुए भी हम याद आएंगे..... ना जाने वो कैसी डोर है.... दुर जाएंगे तो तुटने का डर है... पास आए तो उलझने का डर है... कभी रोके मुस्कराऐ, कभी मुस्करा के रोऐ..... जभ भी तेरी याद आयी तुझे भुलाकर रोऐ..... एक तेरा ही तो नाम था....... जीसे हजार बार लिखा....... जितना लिखकर खुश हुए..... उससे जादा मिटाकर रोए...... क्यू ली थी तुमसे मोहब्बत कर्ज मे..... अब तेरी याद हर रोज जान लेती है...... कभी इतना ना मुस्कराना कि नजर लगे जमानेकी..... हर आख मेरी तरह मोहब्बत कि नही होती......
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