प्रार्थना का अर्थ मांग नहीं है। प्रार्थना का अर्थ दान है। प्रार्थना का अर्थ समर्पण है। प्रार्थना का अर्थ है : मैं तुम्हारी शरण आया। जैसा बुरा-भला हूं स्वीकार कर लो। और जो तुम्हारी मर्जी हो, क्योंकि तुम जानते हो, मैं क्या जानता हूं! जहां चलाओ, चलूंगा। जहां उठाओ, उठूंगा। जहां बिठाओ, बैठूंगा।
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