Back to feed
K
Kabir Verma Social · Hindi · Social

बिकती है ना कहीं ख़ुशी, ना कहीं गम बिकता है लोग ग़लतफ़हमी में हैं, की शायद कहीं मरहम बिकता हैं......!!

112 likes 16 shares
WhatsApp