बचपन मे मेरे पैर मे एक कील धस गयी थी, डॉक्टर ने चीर फाड़ करके कील निकाल दी लेकिन कुछ दिन पाव मे इतना दर्द हुआ ज़ितना कील रहने पर भी नही होता था! कुछ दिन तक चल नही पाया ढंग से, हर दूसरे दिन ड्रेसिंग कराने पर जो तकलीफ होती थी उसे क्या बताऊ! कील उस वक्त अच्छी लग रही थी और डॉक्टर बुरा, बहुत गालियां दी थी मैने उस डॉक्टर को, कई दिन बाद जब पैर सही हुआ तब समझ आया की मैं नासूर पाल रहा था पैर मे! ये करेंसी भी वही कील थी अर्थव्यवस्था मे! बाकी आप खुद समझदार है!
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