बॉलीवुड वालों की पाकिस्तानी कलाकारों से कोई दुश्मनी नहीं, बीसीसीआई की पाकिस्तानी क्रिकेटरों से कोई दुश्मनी नहीं, तो आर्मी वाले ही काहे 30-35 हजार रु प्रति महीने के लिए जान देते हैं? वो भी पाकिस्तान की आर्मी से दोस्ती कर ले। सारी देशभक्ति आर्मी वालों के ही जिम्मे क्यों? कहने का तात्पर्य ये है कि शत्रु देश का हर नागरिक शत्रु होता है, भले ही वो सैनिक हो या कलाकार, खिलाडी हो या पत्रकार। आर्मी के जवान कोई अपनी व्यक्तिगत लड़ाई लड़ने सीमा पर नहीं जाते हैं। वो पूरे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। मेरा भी,, आपका भी, हर देशवासीका भी I
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