रंग से गोरी न थी लेकिन सुन्दर थी बहुत ऊँची न थी लेकिन मेरे लिए योग्य थी प्रेम देने वाली न सही मेरे कदमो से कदम मिलाती थी मंदिर - मस्जिद आने से इनकार करती थी लेकिन बाहर मेरा इंतजार करती थी कही भी जाओ मेरे लिए रुक जाती थी वो . . . . . . . . . . 😞😭😞😭. मेरी चप्पल थी😩😩😩😄 कोई चुरा ले गया हरामखोर 😡😠😭😭😭😭😭😭😭😭😭😭😭😭😭😭😭😭😭😝😝😝😝😝😝😝😝😝
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