सर्व मंगल मांगल्ये ।। शिवे सर्वार्थ साधिके ।। शरण्ये त्र्यंबके गौरी ।।नारायणी नमोस्तुते ।। नमस्तेस्तु महामाये श्रीपिठे सुरपुजीते शन्खचक्र गदाहस्ते महालक्ष्मि नमोस्तुते॥ नमस्ते गरुढारुढे कोलासुर भयन्करि सर्वपाप हरे देवि महालक्ष्मि नमोस्तुते॥ सर्वज्ञे सर्ववर्दे सर्व दुष्ट भयन्करि सर्व दुःखहरे देवि महालक्ष्मि नमोस्तुते॥ सिद्धिबुद्धि प्रदे देवि भक्तिमुक्ति प्रदायिनि मन्त्रमुर्ते सदादेवि महालक्ष्मि नमोस्तुते॥ आद्यन्तरहिते देवि आद्यशक्ति महेश्वरि। योगजे योग सम्भुते महालक्ष्मि नमोस्तुते॥
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