होली आई रे कन्हाई, होली आई रे होली आई रे कन्हाई रंग छलके सुना दे जरा बाँसुरी बरसे गुलाल रंग मोरे आंगनवा अपने ही रंग में रंग दे मोहे सजनावा हो देखो नाचे मोरा मनवा बरसे गुलाल रंग मोरे आंगनवा , जी मोरे आंगनवा अपने ही रंग में रंग दे मोहे सजनावा तोरे कारण घरसे आई, तोरे कारण हो तोरे कारण घरसे आई हूँ निकलके सुना दे जरा बाँसुरी छुटे ना रंग ऐसी रंग दे चुनरिया धोबनिया धोए चाहे सारी उमरिया हो मन को रंग देगा साँवरिया मोहे भाए ना हरजाई, मोहे भाए ना मोहे भाए ना हरजाई रंग हलके सुना दे जरा बाँसुरी लकड़ी जल कोयला भई और कोयला जल भयो राख मैं पापन ऐसी जली ना कोयला भई ना राख होली घर आई तू भी आ जा मुरारी मन ही मन राधा रोये बिरहा की मारी हो नाही मारो पिचकारी काहे छोड़ी रे कलाई, काहे छोड़ी रे काहे छोड़ी रे कलाई संग चलके सुना दे जरा बाँसुरी गीतकार : शकिल बदायुनी, गायक : शमशाद बेगम, संगीतकार : नौशाद, चित्रपट : मदर इंडिया (१९५७)
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