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Jiya Mehta
Friendship · Marathi · Friendship
ॐ सह नाववतु | सह नौ भुनक्तु | सह वीर्यं करवावहै | तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषावहै || ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः || ॐ ... परमेश्वर हम शिष्य और आचार्य दोनों की साथ साथ रक्षा करे ....हम दोनों को साथ साथ विद्या के फल का भोग कराये ,हम दोनों एक साथ मिलकर विद्या प्राप्ति का सामर्थ्य प्राप्त करें ,हम दोनों का पढ़ा हुआ तेजस्वी हो ,हम दोनों परस्पर द्वेष न करें .. ॐ शांतिः । शांतिः ॥ शांतिः॥।कृष्ण यजुर्वेदीय
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