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Tara Nair Love · Marathi · Missing

ज़िन्दगी के इस कश्मकश मैं वैसे तो मैं भी काफ़ी बिजी हुँ, लेकिन वक़्त का बहाना बना कर, अपनों को भूल जाना मुझे आज भी नहीं आता ! जहाँ यार याद न आए वो तन्हाई किस काम की, बिगड़े रिश्ते न बने तो खुदाई किस काम की.. बेशक अपनी मंज़िल तक जाना है ,पर जहाँ से अपना दोस्त ना दिखे.. वो ऊंचाई किस काम की.

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