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Manav Malhotra Love · Marathi · Romantic

आई जगदंबे ( २/१०/२०१६ ) आदी तू अनादी तूची , विश्वरूप मोहिनी … जयजयते जयजयते , अखिल विश्वधारिणी ….। मुखमंडल उत्तमा, शरण ये तिलोत्तमा … प्रेमार्द्र चक्षु तुझे , गाली विलसे लालिमा … अधरी तंव गहिरे परी , मधुर हास्य विलसिनि ….। जयजयते जयजयते , अखिल विश्वधारिणी ….। शंख चक्र तोमरु अन मुसल गदा नांगरू ढाल हि तलवारी करी , पेलुनी कुठार धरू तीर अन कमान शोभे आयुधांची पर्वणी ….। जयजयते जयजयते , अखिल विश्वधारिणी ….। सत्वगुणी शारदा अन तमो कालिका रजोगुणी महालक्ष्मी, त्रिगुण मन्डीता … त्रिगुणातून त्रिदेवा , शक्ती हि सहचारिणी …। जयजयते जयजयते , अखिल विश्वधारिणी ….। चंड मुंड हनन करुनी रक्तबीज कांडीला … मधु कैटभ वधुनि अंबे धूम्राक्षा दंडीला …. शुंभ हो निशुंभ तूची दैत्य महिष मर्दिनी …। जयजयते जयजयते , अखिल विश्वधारिणी ….। काली तू कपालिनी , मंगला , जयंती तू भद्रकाली , क्षमा शिवा , दुर्गा अन धात्री तू … स्वहा , स्वधा , एकादश नामे सौख्य दायिनी …। जयजयते जयजयते , अखिल विश्वधारिणी ….। यश , कीर्ती, सौख्यदायी , बल ,बुद्धी ,तेज दे … जगदंबे वरदायिनी , सकला वरदान दे… शुभंकरे , वेद मुखे , सकल जना तारिणी …। जयजयते जयजयते , अखिल विश्वधारिणी ….।

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