आतंकवादी शैतानो को नाच नचाना ही होगा । मानवता को दानवता से आज बचाना ही होगा । खून की होली खेल रहे है जो कश्मीर की घाटी मे। नफरत के है बीज बो रहे जो कश्मीर की माटी मे। साँप सपोलो हैवानो को जो भी प्रश्रय देता है। जो भी माझी बनकर निशदिन इनकी नइया खेता है। जिनको दोष दिखाई देता पावन देश की माटी मे। जिनको प्यार दिखाई देता जिन्ना की परिपाटी मे। ऐसे देश के गद्दारो को पाठ पढाना ही होगा । मानवता को दानवता से आज बचाना ही होगा ।
0 likes
0 shares