ऐ मेरी जोहराजबीं, तुझे मालूम नही तू अभी तक हैं हसीन और मैं जवान तुझ पे कुर्बान मेरी जान, मेरी जान ये शोखियां, ये बांकपन जो तुझ में हैं कही नही दिलों को जीतने का फन जो तुझ में हैं कही नही मैं तेरी आँखों में पा गया दो जहाँ तू मीठे बोल जान-ए-मन जो मुस्कुरा के बोल दे तो धड़कनों में आज भी, शराबी रंग घोल दे ओ सनम मैं तेरा आशिक-ए-जाविदा गीतकार : साहिर लुधियानवी संगीतकार : रवि गायक : मन्ना डे चित्रपट : वक्त ( 1965 )
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