D Dhruv Agarwal Love · Marathi · Romantic कितना समझाया दिल को कि तु प्यार ना कर; किसी के लिए खुद को बेक़रार ना कर; वो तेरे लिए नहीं है नादान; ऐ पागल किसी और की अमानत का इंतज़ार ना कर! lovepremromantic 0 likes 0 shares WhatsApp Copy