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Aadhya Singh Love · Marathi · Life

"जिंदगी और मौत ऊपर वाले के हाथ है जहांपन्हा, उसे ना तो आप बदल सकते है ना मैं, हम सब तो रंगमंच की कठपुतली हैं, जिनकी डोर ऊपरवाले की ऊंगलियों में बंधी है, कब? कौन? कैसे? उठेगा ये कोई नहीं बता सकता है....

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