"" तुआती है,सीने में जब जब साँसे भरता हु.. तेरे दिल की गलियों से मैं हर रोज गुजरता हू... हवा के जैसे चलती है, तू मैं रेत जैसे उड़ता हू.. कौन तुझे यु प्यार करेगा जैसे में करता हु... प्रेमाची व्याख्या.... कोणाला तरी आठवायच, नंतर हलकस गालातल्या_गालात हसायच अन नंतर डोळ्यांतले अश्रु पुसत एका कुशिवर झोपी जायच.....
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