तेरे चेहरे से नज़र नहीं हटती नज़ारे हम क्या देखें तुझे मिलके भी प्यास नहीं घटती नज़ारे हम क्या देखें पिघले बदन तेरी तपती निगाहों से शोलों की आँच आये बर्फ़ीली राहों से लगे कदमों से आग लिपटती नज़ारे हम क्या देखें रंगों की बरखा हैं, खुशबू का साथ हैं किसको पता हैं अब दिन हैं के रात हैं लगे दुनियाँ ही आज सिमटती नज़ारे हम क्या देखें पलकों पे फैला तेरी पलकों का साया हैं चेहरे ने तेरे मेरा चेहरा छुपाया हैं तेरे जलवों की धुँध नहीं छटती नज़ारे हम क्या देखें गीतकार : साहिर लुधियानवी, गायक : लता मंगेशकर - किशोर कुमार, संगीतकार : खय्याम, चित्रपट : कभी कभी (१९७६)
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