तस्वीर तेरी दिल में, जिस दिन से उतारी है फिरूँ तुझे संग लेके, नये नये रंग लेके सपनों की महफ़िल में माथे की बिंदीया तू है सनम, नैनों का कजरा पिया तेरा ग़म नैन किए नीचे नीचे, रहूँ तेरे पीछे पीछे, चलूँ किसी मंज़िल में तुम से नज़र जब गई है मिल, जहाँ है कदम तेरे वही मेरा दिल झुके जहाँ पलकें तेरी, खुले जहाँ जुल्फें तेरी, रहूँ उसी मंज़िल में तूफ़ांन उठायेगी दुनिया मगर, रुक ना सकेगा दिल का सफ़र यूँही नज़र मिलती होगी, यूँही शमा जलती होगी, तेरी मेरी मंज़िल में गीतकार : मजरुह सुलतानपुरी, गायक : लता - रफी, संगीतकार : सलील चौधरी, चित्रपट : माया (१९६१)
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