बेखुदी में सनम, उठ गये जो कदम आ गये, आ गये, आ गये पास हम आग ये कैसी मन में लगी हैं, मन से बढ़ी तो तन में लगी हैं आग नहीं ये दिल की लगी हैं, जितनी बुझाई, उतनी जली हैं दिल की लगी ना हो तो क्या जिंदगी हैं साथ हम जो चले, मिट गये फ़ासले खोई नज़र थी, सोये नज़ारे, देखा तुम्हे तो जागे ये सारे दिल ने किये जो दिल को इशारे, मिल के चले हम साथ तुम्हारे आज खुशी से मेरा दिल ये पुकारे तेरा दामन मिला, प्यार मेरा खिला दिल की कहानी पहुची ज़ुबां तक, किस को खबर अब पहुचे कहा तक प्यार के राही आये यहा तक, जायेंगे दिल की हद हैं जहा तक तुम साथ दो तो चले हम आसमां तक दिल में अरमां लिए, लाख तूफां लिए गीतकार : , गायक : लता - रफी, संगीतकार : कल्याणजी आनंदजी, चित्रपट : हसीना मान जायेगी
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