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Manav Iyer Love · Marathi · Romantic

बड़ी मुददत के बाद मिलने वाली थी कैद से आज़ादी; पर किस्मत तो देखो, जब आज़ादी मिलने वाली थी; तब तक पिंजरे से प्यार हो चुका था!..,,...........................

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