बिंदिया चमकेगी, चूड़ी खनकेगी तेरी नींद उड़े ते उड़ जाए कजरा बहकेगा, गजरा महकेगा माही रूस जाए ते रूस जाए बिंदिया चमकेगी... मैंने माना, हुआ तू दीवाना, जुलम तेरे साथ हुआ मैं कहाँ ले जाऊं अपनी लौंग का लश्कारा इस लश्कारे से, आके द्वारे से चल मुड़ जाए ते मुड़ जाए बिंदिया चमकेगी.. बोले कंगना, किसी का ओ सजना, जवानी पे ज़ोर नहीं लाख मना कर ले दुनिया, कहते हैं मेरे घुँघरू पायल बाजेगी, गोरी नाचेगी छत टूट-दी ये ते टूट जाए बिंदिया चमकेगी... मैंने तुझसे, मुहब्बत की है, गुलामी नहीं की बलमा दिल किसी का टूटे, चाहे कोई मुझसे रूठे मैं तो खेलूँगी, मैं तो छेड़ूँगी यारी टूट-दी ये ते टूट जाए बिंदिया चमकेगी... मेरे आँगन, बारात ले के साजन, तू जिस रात आएगा मैं ना बैठूँगी डोली में, मैं कह दूँगी बाबुल से मैं ना जाऊंगी, मैं ना जाऊंगी गड्डी टूर-दी ये ते टूर जाए बिंदिया चमकेगी.. चित्रपट : दो रास्ते (1969) संगीतकार : लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल गीतकार : आनंद बक्षी गायिका : लता मंगेशकर
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