T Tara Malhotra Love · Marathi · Romantic मत पूछ मेरे सब्र की इंतहा कहाँ तक हैं, तू सितम कर तुझमें हिंमत जहाँ तक हैं, वफ़ा की उम्मीद किस को है यहाँ, हमें तो ये देखना हैं तू बेवफा कहाँ तक हैं ।। lovepremromantic 0 likes 0 shares WhatsApp Copy