मिलो ना तुम तो हम घबराए, मिलो तो आँख चुराए हमे क्या हो गया है? तुम ही को दिल का राज बताये, तुम ही से राज छूपाये हमे क्या हो गया है? ओ भोले साथिया, देखी जो शौखी तेरे प्यार की आँचल में भर ली हम ने, सारी बहारे संसार की नयी अदा से हम इतराए, पायी खुशी लुटाए हमे क्या हो गया है? ओ सोहने जोगिया, रंग ले हमे भी किसी रंग में फिर से सूना दे बंसी, कलियाँ खिला दे गोरे अंग में वही जो ताने आग लगाए, उन ही से आग बुझाए हमे क्या हो गया है? गीतकार : कैफी आझमी, गायक : लता मंगेशकर, संगीतकार : मदन मोहन, चित्रपट : हीर रांझा - 1970
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