S Shaurya Kumar Love · Marathi · Romantic मोहब्बत से वो देखते हैं सभी को, बस हम पर कभी ये इनायत नहीं होती; मैं तो शीशा हूँ टूटना मेरी फ़ितरत है, इसलिए मुझे पत्थरों से कोई शिकायत नहीं होती। lovepremromantic 0 likes 0 shares WhatsApp Copy