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Kabir Bagale Heartbreak · Marathi · Heartbreak

हर रोज़ खा जाते थे वो कसम मेरे नाम की, आज पता चला की जिंदगी धीरे धीरे ख़त्म क्यूँ हो रही है. हम तो नादान हैं क्या समझेंगे उसूल-ए-मोहब्बत !! बस तुझे चाहा था, तुझे चाहा है और तुझे ही चाहेंगे !! 💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔💔

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