हवा के साथ साथ, घटा के संग संग, ओ साथी चल मुझे लेके साथ चल तू, यूँ ही दिन रात चल तू संभल मेरे साथ चल तू, ले हाथों में हाथ चल तू एक तो ये मौसम है बड़ा सुहाना उसपे अपना दिल भी है दीवाना परबत से आँखे ना टकरा जाना, तू बनके बादल हँसती है ये दुनिया तो हँसने दे नागन बनके इस रुत को डसने दे मुझको अपनी आखों में बसने दे, तू बनके काजल अपनी रेशमी जुल्फें लहराने दे मुझको अपनी बाहों में आने दे थक गई आज बहोत मैं अब जाने दे ना, मिलेंगे फिर कल गीतकार : आनंद बक्षी, गायक : आशा - किशोर, संगीतकार : राहुलदेव बर्मन, चित्रपट : सीता और गीता (१९७२)
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